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उनके लिए तो इसी धरती पर है नर्क

 
Sep 25, 07:30 pm

मंडी [सुनील राणा]। हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में आज भी महिलाओं के लिए वो तीन दिन नर्क के बराबर हो जाते है जब वह मासिक धर्म से गुजर रही होती हैं। इस दौरान महिला को तीन रात गऊशाला या फिर भाड़ [औजार रखने का खुला टूटा-फूटा पुराना कमरा] में शरण लेनी पड़ती है। मौसम सर्द हो या गर्म तीन कठिन रातें अकेले में उसे औरत होने का एहसास करवाती हैं।
प्रदेश के जिला मंडी की चौहारघाटी, स्नोर बदार, कमरूघाटी, जंजैहली, करसोग, चच्योट, कांगड़ा के छोटा व बड़ा भंगाल में आज भी इस तरह का दंड महिलाओं को तीन दिनों तक भुगतना होता हे। इसके साथ-साथ शिमला के डोडारा क्वार, सिरमौर, किन्नौर, लाहुल-स्पीति के कई क्षेत्रों समेत कुल्लू की लग घाटी में भी ऐसा ही हो रहा है।
मान्यता है कि इस अवस्था में महिला किसी देव स्थल, घर के चूल्हे-चौके से छू गई तो घर से देवताओं का वास उठ जाएगा कई प्रकार के क्लेश उत्पन्न होंगे। इस दौरान महिलाओं को तीन दिन तक अलग से बर्तन में दूर से खाना परोसा जाता है, बिस्तर के नाम पर एक अदद फटा-पुराना कंबल, तलाई या फिर बिछाने के लिए धान की घास दी जाती है। तीसरे दिन उक्त महिला को घर से बाहर एकांत में नहलाकर पंचगव्य [पंचामृत] पिलाकर घर में प्रवेश दिया जाता है। कहीं-कहीं इसके बाद भी पांच या फिर सात दिन तक देव स्थलों पर जाने की मनाही रहती है।
विश्व के प्राचीनतम लोकतंत्र के रूप में विख्यात कुल्लू के मलाणा में औरतों के लिए परिस्थितियां राज्य के बाकी हिस्सों से विकट हैं। शेष हिमाचल के कुछ हिस्सों में तो औरतों को मासिक धर्म के दौरान पशुशालाओं में रखा जाता है। परंतु मलाणा में तो औरतों को गांव से बाहर रखा जाता है। इतना ही नहीं किसी औरत की प्रसूति होने पर तो उसे तेरह दिनों तक गांव से बाहर रखा जाता है।
अवैज्ञानिक है यह मान्यता
स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर हितेंद्र महाजन ने बताया कि औरत जननी है तथा मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जिस दौरान 'वेस्ट ब्लड' बाहर निकलता है जिससे कोई संक्रमण नहीं फैलता है। औरतों को माहवारी के दौरान घर से बाहर रखना अन्याय है। यह मान्यता पूरी तरह अवैज्ञानिक है।
इस बारे में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अंबिका सूद ने कहा कि अभी तक उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने कहा कि आयोग अपनी मर्जी से किसी भी प्रकार के रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।


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Sat Sep 26, 2009 12:08 am

rbaggaca
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उनके लिए तो इसी धरती पर है नर्क #share{ position: relative; zoom:1; font-size:80%; } #shareicon { border:0px...
RBagga
rbaggaca
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Sep 26, 2009
12:08 am

Very Sad and same full if people living like that life.and same full whichever religious from. - MESSAGE EDITED - Pls refrain from posting provocative messages...
Balam
remax_y
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Oct 1, 2009
4:36 pm
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