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मैं वही जबाला, जिसने नहीं विवाह किया
पर,सत्यकाम जाबाल पुत्र को जन्म दिया
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पुरूष के समस्त कर्मों की प्रेरक स्त्री है --
स्त्री है तो पुरूष है --
स्त्री - पुरूष हैं तो समाज और प्रकृति सुरक्षित हैं ।
Blog: परा वाणी
Post: गरिमामय नारी -स्वतन्त्रता का प्रथम घोष ...
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